jasrasar / moondar news
सरकार द्वारा प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक समय पर खाद्य सुरक्षा योजनाओं का लाभ पहुंचाने के दावों के बावजूद जसरासर तहसील क्षेत्र के गांव मुंदड़ में प्रशासनिक लापरवाही के कारण सैकड़ों ग्रामीणों को दिसंबर माह का राशन अब तक नहीं मिल पाया है। पूरे महीने के 28 दिन बीत जाने के बावजूद एक भी उपभोक्ता को राशन वितरण नहीं हो सका, जिससे ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है।
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| प्रशासनिक लापरवाही के कारण सैकड़ों ग्रामीणों को दिसंबर माह का राशन नहीं मिल रहा |
मृत राशन डीलर के स्थान पर समय पर वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने से उपभोक्ता परेशान
प्राप्त जानकारी के अनुसार गांव मुंदड़ के राशन डीलर रामनिवास सियाग का 28 नवंबर को निधन हो गया था। दिसंबर माह का राशन वितरण 1 दिसंबर से शुरू होना था, लेकिन डीलर के निधन के बाद राशन वितरण की ई-पॉस मशीन उनके फिंगर प्रिंट से संचालित होने के कारण वितरण कार्य पूरी तरह ठप हो गया। इसके बावजूद संबंधित विभाग द्वारा समय रहते न तो किसी अन्य डीलर को चार्ज सौंपा गया और न ही कोई वैकल्पिक व्यवस्था की गई।
ग्रामीणों का कहना है कि राशन डीलर की नियुक्ति या चार्ज देना प्रशासन की जिम्मेदारी है, लेकिन उसकी लापरवाही का खामियाजा आम उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है। कई ग्रामीणों ने बताया कि वे बार-बार राशन लेने दुकान पर पहुंचते रहे, लेकिन हर बार उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा।
गांव के रामप्रताप सियाग ने बताया कि उनके भाई रामनिवास सियाग गांव के राशन डीलर थे, जिनके निधन की सूचना समय पर विभाग को दे दी गई थी और मृत्यु प्रमाण पत्र भी जमा करवा दिया गया था, इसके बावजूद अब तक गांव में राशन वितरण शुरू नहीं किया गया, जिससे ग्रामीण परेशान हैं।
विभाग का पक्ष
इस संबंध में राहुल, प्रवर्तन निरीक्षक, रसद विभाग, नोखा ने बताया कि राशन डीलर की मृत्यु के कारण वितरण में देरी हुई। अब मैनसर गांव के राशन डीलर को चार्ज दे दिया गया है, आधार अपडेट की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। दो दिन की छुट्टियों के कारण कार्य प्रभावित हुआ है, लेकिन सोमवार से राशन वितरण शुरू कर दिया जाएगा।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि भविष्य में ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए समय पर वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि गरीब और जरूरतमंद उपभोक्ताओं को राशन के लिए भटकना न पड़े।


